नवरात्रि पूजा के बाद नारियल, फूल और बाती का क्या करें? जानिए 6 खास नियम

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

Shardiya Navratri 2025 में मां दुर्गा की आराधना करने के बाद श्रद्धालुओं के मन में सबसे आम सवाल होता है – पूजा में उपयोग की गई सामग्रियों का सही उपयोग या विसर्जन कैसे करें?

1. जली हुई बाती का क्या करें?

नवरात्रि के दौरान जो बातियाँ जलाई जाती हैं, वे सिर्फ दीपक नहीं बल्कि शक्ति की प्रतीक होती हैं।
क्या करें:

सभी जली हुई बातियाँ इकट्ठा कर पवित्र स्थान पर रखें। नवरात्रि के अंतिम दिन इन पर कपूर, लौंग और थोड़ा सा घी डालकर दोबारा जलाएं। इस धूप को पूरे घर में घुमाएं – यह नकारात्मक ऊर्जा को हटाता है। राख को तुलसी या किसी अन्य पौधे में डाल दें, इसे रक्षा भभूत माना जाता है।

2. मां को चढ़ाए गए फूलों का सही उपयोग

फूलों में देवी की शक्ति समाहित होती है, इन्हें अपवित्र स्थानों पर फेंकना अशुभ माना जाता है।
क्या करें: कुछ फूलों को पूजा स्थान या धन स्थान पर रखें। शेष फूलों को मिट्टी या गमले में डाल दें — यह Eco-Friendly तरीका है।

3. कलश और उसमें रखा जल-सिक्के

कलश देवी का प्रतीक होता है, इसलिए इसे सम्मानपूर्वक विसर्जित करना चाहिए।
क्या करें:

कलश का जल पूरे घर में छिड़कें — यह शुभता लाता है। शेष जल को पौधों में डालें। कलश में रखे सिक्के लाल कपड़े में बांधकर धन स्थान या तिजोरी में रखें।

4. चढ़ाया गया नारियल कैसे करें विसर्जित?

नारियल को मां का प्रसाद माना जाता है — इसका भी विशेष महत्व है।
क्या करें:

नारियल को परिवार और दोस्तों में प्रसाद के रूप में बाँटें। सूखा नारियल हो तो नदी या पवित्र जल में प्रवाहित करें। यदि फटा हुआ या खराब हो, तो इसे मिट्टी में दबा दें — मान्यता है कि यह कष्टों को अपने में समाहित कर लेता है।

5. मां की चुनरी का क्या करें?

चुनरी में मां का आशीर्वाद समाया होता है, इसे कभी अपवित्र न मानें।
क्या करें:

इसे पूजा स्थान, धन स्थान या अपने वाहन में बाँधें। पूजा करते समय सिर पर रखें। यदि उपयोग न कर पाएं तो मंदिर में दान करें या किसी श्रद्धालु को दें।

6. माता की चौकी और वस्त्र

पूजा में उपयोग की गई चौकी और कपड़ों को कैसे रखें?
क्या करें:

वस्त्रों को साफ कर सुरक्षित रखें, अगली पूजा में उपयोग करें। चौकी को मंदिर या घर के पवित्र कोने में रखें। यदि ज़रूरत न हो तो मंदिर में दान करें या किसी ज़रूरतमंद को दें।

क्यों जरूरी है इन नियमों का पालन?

 देवी पूजन की हर वस्तु शक्ति और आशीर्वाद की प्रतीक होती है।  इन्हें सम्मानपूर्वक विसर्जित करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और घर में शुभ ऊर्जा बनी रहती है।  साथ ही यह वास्तु दोष और नजर दोष से भी बचाव करता है।

Shardiya Navratri 2025 की पूजा में उपयोग हुई हर वस्तु पवित्र मानी जाती है। इन्हें सही तरीके से विसर्जित करके न केवल शास्त्रों के अनुसार आचरण करते हैं, बल्कि पर्यावरण का भी सम्मान करते हैं। इन छोटे-छोटे नियमों का पालन कर आप अपने जीवन में सकारात्मकता, समृद्धि और शांति का स्थायी प्रवेश कर सकते हैं।

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